Driving Licence भारत में किसी भी वाहन को कानूनी रूप से सड़क पर चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। चाहे दोपहिया हो, चारपहिया या फिर कमर्शियल गाड़ी, हर चालक को मान्यता प्राप्त लाइसेंस की ज़रूरत होती है। पहले के समय में लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को आरटीओ दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब तकनीक ने इस झंझट को काफी आसान बना दिया है।
लाइसेंस प्रक्रिया में आया बदलाव
कुछ साल पहले तक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना बेहद लंबा और जटिल काम हुआ करता था। आवेदन करने से लेकर लाइसेंस मिलने तक कई हफ्तों का समय लग जाता था। लेकिन अब परिवहन मंत्रालय ने पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है। इसकी वजह से न सिर्फ लोगों का समय बचता है, बल्कि आरटीओ ऑफिस के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी भी खत्म हो गई है।
सरकार ने क्यों शुरू की ऑनलाइन सुविधा
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने नागरिकों की सुविधा को देखते हुए यह कदम उठाया। अब आवेदक घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह पहल “डिजिटल इंडिया मिशन” का हिस्सा है, जिसका मकसद सरकारी सेवाओं को आम जनता तक ऑनलाइन उपलब्ध कराना है।
लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस की प्रक्रिया
परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस पाने से पहले लर्निंग लाइसेंस बनाना जरूरी होता है। लर्निंग लाइसेंस मिलने के बाद एक महीने से छह महीने की अवधि के भीतर परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। अब यह दोनों प्रक्रियाएँ पूरी तरह से ऑनलाइन पूरी की जा सकती हैं, जिससे उम्मीदवारों का समय और मेहनत दोनों बचते हैं।
ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन
- सबसे पहले parivahan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
- वहां “ऑनलाइन सर्विसेज़” विकल्प पर क्लिक करें।
- ड्राइविंग लाइसेंस का चयन करने के बाद अपना राज्य चुनें।
- अब स्क्रीन पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म खुलेगा, जिसमें सभी जानकारी सही-सही भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट साइज फोटो और डिजिटल सिग्नेचर अपलोड करें।
- इसके बाद निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
- भुगतान पूरा होते ही ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट बुक करने का विकल्प मिलेगा।
- तय दिन और समय पर आरटीओ ऑफिस में ड्राइविंग टेस्ट दें।
- टेस्ट पास करने के बाद जल्द ही आपका लाइसेंस घर पर डाक से भेज दिया जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज़
लाइसेंस आवेदन के समय पहचान और पते से संबंधित दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, दसवीं की अंकसूची, पासपोर्ट फोटो और डिजिटल हस्ताक्षर ऑनलाइन जमा करने होते हैं। इन्हीं की जांच के बाद आवेदन आगे बढ़ता है।
फीस भुगतान और स्लॉट बुकिंग
फॉर्म भरने के बाद ऑनलाइन फीस का भुगतान करना आवश्यक है। जैसे ही भुगतान सफल होता है, उसी समय ड्राइविंग टेस्ट के लिए स्लॉट बुक किया जा सकता है। तय तारीख पर उम्मीदवार को आरटीओ पहुंचकर टेस्ट देना होता है।
लाइसेंस मिलने का समय
ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद कुछ ही दिनों में आपका ड्राइविंग लाइसेंस तैयार हो जाता है। इसे सीधे आपके पते पर डाक के माध्यम से भेज दिया जाता है। इस तरह पहले से जटिल लगने वाली प्रक्रिया अब डिजिटल होने से बेहद सरल और सुविधाजनक बन गई है।
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